Bhoot Police Story 2021| Bhoot Police Review and Ratings | Watch latest bollywood movie stories in hindi

दोस्तों, आज हम आपको २०२१ में रिलीज हुई हॉरर कॉमेडी फिल्म Bhoot Police को आपलोगों के लिए एक्सपलेन करेंगे। इससे होगा ये की आपलोगों ने अगर इस फिल्म को नहीं देखा है और आप इसकी कहानी को जानना चाहते हैं तो आप इसकी कहानी को जान जाएंगे।

लेकिन इससे पहले आपसे रीक्वेस्ट है की आप हमें सपोर्ट जरूर करें। चलिए, अब शुरू करते हैं इस Bhoot Police मूवी के एक्सपलेनएसन को।

Bhoot Police Story

त Bhoot Police मूवी की शुरुआत होती है एक ऐसे घर के पास जहां ये पता चलता है की, यहाँ पर एक लड़की को दद्दू के भूत ने अपने वस में कर रखा है। और उसी लड़की के शरीर से भूत को भगाने  के लिए विभूति और चिरौंजी  नाम के दो मशहूर भूत भगाने वाले तांत्रिक को बुलाया जाता है। फिर विभूति और चिरौंजी उस लड़की के रूम में जाते हैं उसके भूत को भगाने के लिए। यहाँ पर ये लोग देखते हैं की वो लड़की भूत बन चुकी है और तभी ही वो लड़की चिरौंजी 

के शरीर पर कूद पड़ती है। Bhoot Police मूवी में विभूति रूम की तलाशी लेता रहता है और तब ही वहाँ पर उसे एक गैस से भड़ा हुआ सिलेंडर मिलता है जिसको लेने के बाद किसी भी आदमी का आवाज बदल जाता है।

तब जा कर Bhoot Police मूवी में विभूति को सभी बता का पता चलता है की आखिर ये लड़की भूत जैसे कैसे करती है और ये बता विभूति उस लड़की को बताता है क्यूंकी विभूति को पता चल जाता है की ये लड़की सिर्फ नाटक कर रही होती है।

असली में कोई भूत इस लड़की में नहीं है। उसके बाद लड़की इसको सारी सच्चाई बताती है  की  आखिर उसने भूत बनने का नाटक क्यूँ किया? उसने बताया की उसके घर वाले इसकी शादी करवाना चाहते हैं। और ये अभी पढ़ाई करना चाहती  है। इन सभी बातों को सुन कर विभूति भी इस लड़की की मदद करने को तैयार हो जाता है।

विभूति और चिरौंजी मिलकर Bhoot Police मूवी में एक झूठी हवन करते हैं जिससे की घर वालों को यकीन हो जाए की वे दद्दू के भूत को लड़की से निकाल रहें है। और इसी के दौरान चिरौंजी उसके परिवार वालों को लड़की के बारे में कहता है की इसको पढ़ाई

कराओ उसके बाद शादी नहीं तो ये भूत बाधा देगा। और इसी के कारण इसके माँ और बाप को मानना पड़ता है की पहले इसकी पढ़ाई करवाई  जाएगी उसके बाद शादी। फिर कुछ नाटक कर के Bhoot Police मूवी में विभूति और चिरौंजी ये साबित  कर देते हैं की वे लड़की के शरीर से भूत को निकाल देते हैं।

इसके बाद विभूति और चिरौंजी अपने फीस के पैसे  को लेते हैं और फिर जीएसटी भी मांगते हैं। उसके बाद Bhoot Police मूवी में ये दोनों अपनी गाड़ी पर बैठ कर जाने लगते हैं। और विभूति कहता है की इस दुनियाँ में जब तक अंधविश्वास जीवित रहेगा तबतक कमाई होती रहेगी। और इन सभी बता को सुनकर चिरौंजी उदास हो जाता है।

फिर अगले सीन में दिखाया जाता है की, चिरौंजी अपनी एक किताब जिसको वो  पिता जी जो की एक प्रसिद्ध तांत्रिक उलट बाबा ने दिया था, जिसमे तंत्र के बारे में बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारियाँ  थी

लेकिन ये अभी तक उस भाषा को नहीं समझ पाया था क्यूंकी इसको पढ़ने के लिए जो कुंजी होती है वो कुंजी अभी तक इसको नहीं मिली थी। लेकिन विभूति इन सब बातों को अंधविश्वास मानता  था और इन सभी चीजों को सिर्फ लोगों से पैसा ठगने का रास्ता समझता था। और विभूति चिरौंजी को भी बोलता था, की ये सब अंधविश्वास की चीजें होती हैं। और विभूति को ऐसा लगता था की इनदोनों के पिता भी सिर्फ इन सभी चीजों से लोगों को मूर्ख बना कर सिर्फ पैसा कमाया थ। लेकिन चिरौंजी को ऐसा नहीं लगता था, और वो कहता था की वो एक दिन जरूर, एक महान तांत्रिक बनेगा इस किताब की जानकारियों को पढ़ कर।

फिर अगले सीन में एक मेले  जैसा दृश्य दिखाई देता है जिसमे बहुत से तांत्रिक होते हैं और वे सब भूत से रिलेटेड केस को ढूंढते हैं, और वहीं पर विभूति एक लड़की के साथ व्यस्त रहता है और चिरौंजी उस किताब को पढ़ने की कोशिश करता है और वो अपने पिता को याद करते हुए इस किताब को पढ़ने के लिए मदद माँगता है और तभी अचानक चिरौंजी का कंधा ऊपर- नीचे होने लगता है।

और इसी बीच उसका किताब उसके हाँथ से छुट कर नीचे गिरता है और उस किताब को माया उठा लेती है। और फिर उस किताब को चिरौंजी अपने पास ले लेता है। साथ ही किताब के गिरने के कारण इस किताब को पढ़ने वाली कुंजी जो किताब में छिपी होती है वो इसे मिल जाती है।

जिसके बाद चिरौंजी खुश हो कर विभूति के पास जाता है और कुंजी के बारे में बताता है. लेकिन विभूति इस बता को नहीं मानता है चिरौंजी को जाने के लिए कहता है। जिसके बाद चिरौंजी गुसा के जाने लगता है जिसके मनाने के लिए विभूति उसके पीछे आता है और एक शराबी  आदमी से टकरा जाता है। फिर विभूति चिरौंजी के सामने ईमोशनल ड्रामा करके चिरौंजी को रोक लेता है। तभी विभूति को वहाँ पर इन्स्पेक्टर छेदी दिखाई देता है फिर ये दोनों भाई वहाँ से भाग जाते हैं।

चिरौंजी की एक बार फिर मुलाकात माया से होती है जो की एक ढोंगी तांत्रिक गोगल बाबा के साथ जा रही होती है, जिसे चिरौंजी पहचान जाता है की उलट बाबा के नाम पर ये माया को ठग रहा होता है। फिर चिरौंजी वहाँ से माया को सारी बातें सही-सही बताता है  की वो और विभूति उलट बाबा के असली बेटे हैं । फिर वो माया को अपनी गाड़ी में बैठा कर वहाँ से निकल जाते हैं।

वहीं गोगल बाबा इन्स्पेक्टर छेदी को बता देता है की विभूति और चिरौंजी धर्मशाला गए हैं।

फिर गाड़ी के अंदर माया विभूति और चिरौंजी को बताती  है की  आखिर वो उलट बाबा से क्यूँ मिलना चाहती  थी? माया ने बताया की उसके गांव  में उसकी चाय की बागान और फैक्ट्री है, जहां के कर्मचारि शाम होते ही उसके फैक्ट्री से घर चले जाते हैं एक किचकन्डी नाम की भूत के डर के कारण और माया ने ये भी बताया की उसका सामना भी किचकन्डी से हुआ है।

और माया ने ये भी बताया की आज से बहुत साल पहले भी इसके गांव में यही किचकन्डी का कहर था जिसको उलट बाबा ने अपने काबू में कर लिया था। लेकिन विभूति को अभी भी इन बातों का विश्वास नहीं होता है।

और फिर तभी गाड़ी धर्मशाला पहुँचती है जहां विभूति को एक अजीब सी बच्ची दिखाई देती है लेकिन वो इसके तरफ उतना ध्यान नहीं देता है।

फिर विभूति और चिरौंजी की मुलाकात माया की छोटी बहन कणिका से होती  है जो की इनका खूब मजाक उड़ाती है।

लेकिन उसी रात दो लोगों को किचकन्डी डराती है जिसकी जांच चिरौंजी सिरियस हो कर करता है और सभी से  किचकन्डी के बारे में पूछने लगता है तभी उसे एक ऐसे आदमी से मुलाकात हुई जो की इसके पिता जी के समय का था

और इसी के सामने इसके पिता जी ने किचकन्डी को किचकन्डी के हड्डी में डाल कर एक मटके में बंद कर के सुरक्षित रख दिया था।

Bhoot Police मूवी में फिर ये दोनों उस मटके को खोजने आए  उधर  इनको मटका सही सलामत मिलता है, जिसके बाद विभूति कहता है की इसके पिता उलट बाबा ने भी लोगों को मूर्ख बनाया था क्यूंकी अगर,

मटका सही सलामत है तो किचकन्डी बाहर कैसे आई? और इसी को कहते हुए विभूति उस मटके को फोड़ देता है जिसके बाद उसमे से एक हड्डी गिरती है जिसे वो फेंक कर चला जाता है।

Bhoot Police मूवी में फिर कुछ समय बाद माया का कुत्ता उस हड्डी को उठा कर माया के बेड के नीचे रख देता है जिसके कारण  किचकन्डी का प्रकोप माया को झेलना पड़ता है फिर चिरौंजी उस रूम को शुद्ध करता है

लेकिन विभूति को अभी भी इन सब बातों पर यकीन नहीं होता है।

कुछ समय बाद विभूति Bhoot Police मूवी में किचकन्डी को पकड़ लेता है जो की एक नकली भूत होता है और असल में वो उस फैक्ट्री का मैनेजर होता है जो की कणिका के कहने  पर ऐसा कर रहा होता है। 

आपको बता दें की कणिका कहती है की माया ये चाय की फैक्ट्री और बागानों को बेच कर लंदन में कोई बिजनस करे। और इसी के लिए वो Bhoot Police मूवी में मैनेजर को किचकन्डी का नाटक कर के कर्मचारियों 

को डरवा रही थी, ताकि सभी लोग भाग जाएं और यहाँ की प्रॉपर्टी आसानी से बिक जाए। 

विभूति सारी बात  समझ कर कणिका से २० लाख का एक डील करता है की वो सभी लोगों को डरआ देगा और सभी लोग एक ही रात में भाग जाएंगे। Bhoot Police मूवी में उधर चिरौंजी असली में किचकन्डी को पकड़ने के लिए 

हवन करने जा रहा होता है जैसा की उस किताब में लिखा होता है उसके अनुसार। लेकिन Bhoot Police मूवी में विभूति उसे हवन के दौरान ही बेहोस कर देता है साथ ही कणिका और मैंनेजर के मदद से लोगों को डरआ कर भगा देता है । 

Bhoot Police मूवी में फिर जब विभूति २० लाख रुपया मांगने जाता है तो विभूति की सारी बातों को कणिका चिराऊजी को सुनवा देती है जिससे की दोनों भाइयों में लड़ाई हो जाता है और फिर इन्स्पेक्टर छेदी इन दोनों को पकड़ कर ले जाता है। 

रास्ते में छेदी कहता है वो इन दोनों को बार देगा , क्यूंकी उलट बाबा ने छेदी की शादी बकरी से बहुत बार करवाई थी क्यूंकी छेदी की कुंडली 

में कोई दोष था। जिससे छेदी काफी गुस्सा था और इन दोनों को मार डालना चाहता था। Bhoot Police मूवी में फिर ये दोनों अपनी जान को छेदी से बचाते हैं लेकिन अब विभूति और चिरौंजी  के बीच काफी लड़ाई हो जाती है और वे दोनों अलग हो जाते हैं।

Bhoot Police back story

Bhoot Police मूवी में तभी अचानक विभूति को वही बच्ची मिलती है जो विभूति को गांव में आते समय मिली थी जिसका नाम तितली था और ये बच्ची, सुनसान रात में उस घने  जंगल में खड़ी थी। उस बच्ची को विभूति ने अपने पीठ पर लाद लिया और उस बच्ची ने इन्स्पेक्टर छेदी से विभूति की जान बचाई तब जा कर विभूति को पता चला की वो बच्ची भूत है।

जिसके बाद विभूति दौरता-दौरता चिरौंजी के पास पहुंचा और उसने बताया की अब वो

भूतों में मानने लगा है क्यूंकी उसने असली में भूत को देखा है और उसने ये भी बताया की उसके पास मरे  हुए लोगों को देखने की शक्ति है जिसके कारण उसने चिरौंजी के बगल में उस शराबी को देखा जो 

असली में मर चुका था और उसने ऐसा भी बताया की चिरौंजी के पास भूतों को महसूस  करने की शक्ति है और इसी के कारण चिरौंजी के कंधे ऊपर -नीचे होने लगते हैं।  और तभी विभूति को भूत  दिखाई भी देते हैं। उधर असली किचकन्डी ने माया के शरीर में जा चुकी थी जिसे किसी तरह चिरौंजी ने माया के शरीर से निकाला और गलती से उसे विभूति के शरीर में डाल दिया। 

जिसके बाद, Bhoot Police मूवी में चिरौंजी को उस किचकन्डी की असली सच्चाई का पता चला।  की, वो असली में ब्रिटिश के यहाँ पर काम करती थी। वहाँ पर ब्रिटिश ने उसके साथ गलत काम करना चाहा  जिसके कारण उसने उस ब्रिटिश को घायल कर दिया.  और तब जा कर उसको उसी उसी  ब्रिटिश ने पेड़ में बांध कर जिंदा जला दिया और उधर  उसकी बेटी तितली को गोली मार दिया।

जिस कारण से  आज भी किचकन्डी अपनी बेटी तितली को खोज रही है। और वो किसी को नुकसान नहीं पँहुचना  चाहती है वो बस अपनी बेटी को से मिलना चाहती है।

जिसके बाद विभूति और चिरौंजी की मदद से वो तितली से मिल जाती है और विभूति के शरीर से निकल  जाती है। 

और इसी तरह Bhoot Police मूवी पूरी हो जाती है।

Bhoot Police Movie story video

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